बांग्लादेश की घटना में था अमेरिका और आईएसआई का हाथ?
ढाका। बांग्लादेश में पिछले महीने जो घटनाएं घटीं, उसमें क्या अमेरिका और पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ था? इस संबंध में हाल में जो रिपोर्ट आई है, उससे ऐसे ही संकेत मिलते हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले एक साल से बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार को अपदस्थ करने की रणनीतियां बनाई जा रही थीं। इसके लिए बांग्लादेशी छात्र संगठनों के कुछ नेता कतर और दुबई गए थे तथा वहां पाक और अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के अफसरों से मुलाकात भी की थी।

इंडियन नेशनल सिक्योरिटी नेटवर्क के हवाले से तैयार नॉर्थ ईस्ट न्यूज की रिपोर्ट में कहा गया है कि यही कारण है कि छात्र आंदोलन के नेता मोहम्मद महफूज आलम को बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस का विशेष सहायक बनाया गया है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि छात्रों को कई बार विदेश यात्रा पर ले जाया गया। आईएसआई के एक रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल को बांग्लादेशी छात्रों के साथ संपर्क करने का काम सौंपा गया था। उसने कई बार बांग्लादेश का दौरा किया था।
रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका लगातार शेख हसीना पर बांग्लादेश में निष्पक्ष चुनाव कराने का दबाव डाल रहा था। समझा जाता है कि बांग्लादेश के एक प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता की मुलाकात भी सेवानिवृत आईएसआई के अधिकारी से दोहा में हुई थी। यह भी रिपोर्ट में कहा गया है कि दोहा के इस होटल में अमेरिकी अफसर और बांग्लादेश के छात्र नेता भी ठहरे थे। भारत को भी इन बैठकों की सूचनाएं थीं लेकिन वह बांग्लादेश की तख्तापलट का अंदाजा नहीं लगा सका।