शू-टेक आगरा में हुए 450 करोड़ रुपये के कारोबारी अनुबंध
आगरा। भारत के जूता उद्योग में कम्पोनेंट्स की रचनात्मकता, तकनीकी विकास और नवीनतम अनुसंधान दुनिया भर में भारतीय बाजार का मिज़ाज बदल रहे हैं। देश में कम्पोनेंट्स की आपूर्ति, जो पहले मुख्य रूप से आयात पर निर्भर थी, अब भारत में तेजी से मजबूत हो रही है।

- 5247 विजिटर्स के साथ 2470 ट्रेड विजिटर्स ने किया दो दिवसीय एग्जिविशन में प्रतिभाग
- समापन पर एग्जीबिटर्स ने कहा तकनीकी विकास और सरकार के सहयोग से इंडस्ट्री को मिलगी रफ़्तार
कुछ ऐसे ही वक्तव्य एग्जिविशन ‘शू टेक आगरा’ के 58वें संस्करण के दूसरे अंतिम दिन समापन के मौके पर एग्जिविशन में भाग ले रहे एग्जीबिटर्स को सम्बोधित करते हुए एफमेक अध्यक्ष पूरन डावर ने कहे।
उन्होंने कहा जूते में इस्तेमाल होने वाले सभी कम्पोनेंट्स अब देश में ही उपलब्ध हो रहे हैं। शू टेक जैसे आयोजन इस औद्योगिक क्रांति के नायक साबित हो रहे हैं। आयोजक संस्था इफ्कोमा के महासचिव दीपक मनचंदा ने एग्जिविशन से जुड़े आंकड़े मीडिया के सामने रखे।
उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि दो दिवसीय एग्जीबिशन में फुटवियर कम्पोनेंट्स में 450 करोड़ के कारोबार की आधारशिला रखी गई, जो निश्चित रूप से इस ट्रेड में भारत की प्रगति के संकेत हैं।
*शाम तक आते रहे विजिटर्स*
दूसरे अंतिम दिन सुबह से लेकर देर शाम तक लगातार विज़िटर्स का आना जारी रहा। न सिर्फ फैक्ट्री ऑनर्स ने इस आयोजन में शिरकत की, बल्कि भविष्य के उद्यमियों ने भी इस एग्जिविशन में हिस्सा लिया। ऐसा लग रहा था इस आयोजन में सहभागिता के मौके को इंडस्ट्री से जुड़ा कोई भी कारोबारी चूकना नहीं चाहता था।
इफ्कोमा के महासचिव दीपक मनचंदा ने कहा कि इस आयोजन में वास्तव में वायर-सेलर का समागम देखने को मिला। शू-टेक आगरा फुटवियर कम्पोनेंट्स इंडस्ट्री के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है और यह अपनी ऐतिहासिक सफलता की ओर बढ़ रहा है। यह आयोजन न केवल उद्योग के लोगों को अवसर देता है, बल्कि उन्हें नवीनतम तकनीकों से अपडेट कर उन्हें वैश्विक बाजार में मजबूती से खड़े होने का हौसला भी देता है।
इफ्कोमा के कार्यकारी निदेशक ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन में सीधे तौर पर खरीददारी नहीं होती, लेकिन कारोबारी अनुबंध निश्चित रूप से एक बड़ी संख्या में सामने आ रहे हैं। हम उत्साहित हैं कि शू-टेक आगरा में दो दिनों में लगभग 450 करोड़ के कारोबार की बुनियाद रखी गई, जो निश्चित रूप से भारत में फुटवियर कम्पोनेंट्स सेक्टर की बढ़ती रफ्तार का संकेत है।"
आस्मा के अध्यक्ष ओपिंदर सिंह लवली ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन कारोबार को नया बूम देते हैं। एक छत के नीचे फुटवियर कम्पोनेंट्स और नवीनतम तकनीक से खुद को अपडेट करने का मौका शू-टेक आगरा ने दिया है। इस आयोजन में एक-दूसरे से मिलने का अवसर मिलता है। फुटवियर इंडस्ट्री के लिए इस प्रकार के आयोजन लगातार होते रहने चाहिए, क्योंकि ऐसे आयोजन कारोबार को नया आयाम देने में सहायक सिद्ध होते हैं।
श्रेष्ठ स्टॉल्स के लिए सम्मान
* कर्नल अभय- एफडीडीआई - इंडस्ट्री-एकेडेमिया कॉलैबोरेशन इनिशिएटिव
* डॉ.आशीष चंद्र- एनआईएफटी - मोस्ट इनोवेटिव ट्रेंड्स डिस्प्ले
* शैलेश पाठक- स्टक ऑन - ट्रस्टेड ब्रांड
* सत्यमूर्ति- सीडीएस सोल - क्रिएटिव प्रोडक्ट
* अक्षय गुंटेती - ग्रीन वर्म्स- रेवोल्यूशनरी वेस्ट मैनेजमेंट एंड रीसाइक्लिंग
*आकड़े जो आये सामने*
कुल एग्जीबिटर्स -60
विजिटर्स की सहभगिता - 5247
रजिस्टर्ड बिजिनेस विजिटर्स - 2470
प्रदेशों की सहभगिता - 12
कुल संभावित कारोबार लगभग - 450 करोड़ रूपये
*मुख्य रूप से रहे मौजूद*
कार्यक्रम का संचालन अतुल कोहली ने किया। इस दौरान इफ्कोमा के महासचिव दीपक मंनचदा, कार्यकारी निदेशक एसके वर्मा, पूर्व अध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल, आस्मा के अध्यक्ष ओपिंदर सिंह लवली, सीसीएलए के अजय शर्मा, ब्रजेश शर्मा आदि विशेष रूप से मौजूद रहे।