चंद महीनों के भीतर हरियाणा में कांग्रेस को दूसरा बड़ा झटका

चंडीगढ़। हरियाणा के स्थानीय निकाय चुनाव में जहां भाजपा का डंका बजा है, वहीं कांग्रेस औंधे मुंह गिरी है। विधान सभा चुनाव के बाद कांग्रेस को यह दूसरा बड़ा झटका है। राज्य के दस नगर निगमों में नौ पर भाजपा के मेयर चुने गए हैं जबकि एक में स्वतंत्र महापौर निर्वाचित हुआ है। माना जा रहा है कि गुटबाजी की वजह से कांग्रेस की यह दुर्गति हुई है।

Mar 13, 2025 - 10:48
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चंद महीनों के भीतर हरियाणा में कांग्रेस को दूसरा बड़ा झटका

-राज्य में मेयर की दस में से नौ सीटें जीतकर भाजपा ने फिर अपना परचम फहराया

चंद महीने पहले हुए विधान सभा चुनाव में भाजपा ने जीत दर्ज कर राज्य में तीसरी बार अपनी सरकार बनाई थी। राज्य में अपनी सरकार को लेकर पूरी तरह आश्वस्त कांग्रेस को बड़ा झटका लगा था। तब राजनीतिक विश्लेषकों ने माना था कि राज्य के दो बड़े नेताओं भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कुमारी शैलजा के बीच की गुटबाजी कांग्रेस को ले डूबी। कांग्रेस को इस स्थिति में पहुंचाने के लिए पार्टी के एक केंद्रीय पदाधिकारी द्वारा प्रत्याशी चयन में की गई मनमानी को भी जिम्मेदार माना गया था।

स्थानीय निकाय चुनाव कांग्रेस के लिए उम्मीद की एक किरण थे, जिसमें वह एक बार फिर खड़ी हो सकती थी। कांग्रेस ने हालांकि पूरी गंभीरता से चुनाव लड़ा भी, लेकिन राज्य के बड़े नेताओं में इस बार भी सामंजस्य का अभाव दिखा। नतीजा सामने है। राज्य में मेयर की दस पोस्ट में से नौ पर भाजपा और एक पर निर्दलीय को जीत मिली।

नगर निगम पानीपत से कोमल सैनी, गुरुग्राम से राजरानी, रोहतक से राम अवतार वाल्मीकि, हिसार से प्रवीण पोपली, करनाल से रेनु बाला गुप्ता, अंबाला से शैलजा सचदेवा, सोनीपत से राजीव जैन, फरीदाबाद से प्रवीण जोशी, यमुना नगर से सुमन बहमनी (सभी भाजपा) मेयर चुने गए हैं। मानेसर नगर निगम में निर्दलीय डॊ. इंद्रजीत यादव महापौर निर्वाचित हुए हैं।

 

SP_Singh AURGURU Editor