ताज के पार्श्व में हवेली संगीत और ग़ज़ल संध्या
आगरा। ताज महोत्सव और पंडित जसराज सांस्कृतिक फाउंडेशन द्वारा ग्यारह सीढ़ी पार्क में आयोजित किए एचएसबीसी ताज ओ ताज कार्यक्रम की शुरुआत हवेली संगीत से हुई।
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दो दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन प्रथम सत्र में हवेली संगीत हुआ। हवेली संगीत भगवान कृष्ण के जीवन को समर्पित प्राचीन धार्मिक संगीत की एक विधा है। पं. रतन मोहन शर्मा और अंकिता जोशी ने श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी... भजन की प्रस्तुति से श्रोताओं को संगीत की दिव्य दुनिया का अनुभव कराया। अंकिता जोशी और पंडित रतन मोहन शर्मा ने राधे शरणाम नमः, राग केदार में तीन ताल में गोकुल में बाजत कहां बधाई, गोविंद दामोदर माधव आदि भजनों की प्रस्तुति भी दी।
दूसरे सत्र का आगाज सवेरे सवेरे कोई पास आया गजल से हुई, जिसकी प्रस्तुति प्रतिभा सिंह बघेल ने दी।
दूसरे कार्यक्रम में प्रतिभा सिंह बघेल और दीपक पंडित द्वारा ग़ज़लों की प्रस्तुति दी गई। दीपक पंडित द्वारा कौन कहता है मोहब्बत की ज़ुबान होती है..., सूल्फाक ताल में निबद्ध ग़ज़ल कोई पास आया सवेरे सवेरे.., शाम से आँख में नमी सी क्यों है... की प्रस्तुति दी गई।
पंडित जसराज सांस्कृतिक फाउंडेशन की संस्थापक दुर्गा जसराज ने कहा कि हम भारत की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित और बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पंडित जसराज सांस्कृतिक फाउंडेशन का शुभारंभ हमारे लिए एक महत्वपूर्ण क्षण रहा।
एचएसबीसी इंडिया के इंटरनेशनल वेल्थ एवं प्रीमियर बैंकिंग के प्रमुख संदीप बत्रा ने कहा कि एचएसबीसी को ताज ओ ताज हमारी कलात्मक परंपराओं की धरोहर को अतीत और भविष्य से जोड़ता है। यह उत्सव उत्तर प्रदेश सरकार, पर्यटन मंत्रालय - यूपी, आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) और ताज महोत्सव के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें इंडियन ऑयल और वोल्टास बेको का भी सहयोग रहा।
कार्यक्रम में एचएसबीसी के मार्करिंग हेड जसविंदर सोढ़ी, इण्डियन आयल कारपोरेशन के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अरविन्दर सिंह साहनी, ज़ाइरो के फाउंडर विकास कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। साथ ही एडवोकेट सुब्रत मेहरा भी श्रोताओं में शामिल थे। कार्यक्रम का संचालन दुर्गा जसराज व सुधीर नारायण ने किया।