खाद्य प्रसंस्करण उद्यमी ट्रंप टैरिफ को लेकर चिंतित, निर्यात प्रभावित होगा

आगरा। चैंबर आफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन ने अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ को लेकर चिंता जताई है। एसोसिएशन का मानना है कि इससे भारत के निर्यात पर असर पड़ेगा। टैरिफ अंतर जितना अधिक होगा, संबंधित क्षेत्र उतना ही अधिक प्रभावित होगा।

Apr 3, 2025 - 21:31
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खाद्य प्रसंस्करण उद्यमी ट्रंप टैरिफ को लेकर चिंतित, निर्यात प्रभावित होगा
करकुंज रोड स्थित भगत हलवाइ पर आयोजित चैंबर आफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन की कार्यकारिणी बैठक का शुभारंभ करते अध्यक्ष राजकुमार भगत, अनुज सिंघल, नितिन गोयल, आशीष गर्ग, मनीष अग्रवाल रावी, अभिषेक चौरसिया, शैलेश अग्रवाल आदि।  

चैंबर ऒफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन की कार्यकारिणी बैठक में बीते वर्ष के कार्यों पर चर्चा, नये वर्ष के कार्यों पर हुई चर्चा

फूड पार्क की आगरा में स्थापना को लेकर कार्य योजना में लाएंगे तेजी, जून में होगा भव्य आयोजन, आमंत्रित होंगे देशभर के उद्यमी

गुरुवार को चैंबर ऒफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन द्वारा कर कुंज रोड स्थित भगत हलवाई पर आयोजित की गई कार्यकारिणी की बैठक में यह बात कही गई। बैठक का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।  अध्यक्ष राजकुमार भगत, महासचिव अनुज सिंघल, उपाध्यक्ष नितिन गोयल और आशीष गर्ग, मुख्य सलाहाकार मनीष अग्रवाल रावी, शैलेश अग्रवाल ने सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।

बैठक मुख्य रूप से वित्तीय वर्ष 2024− 25 के कार्यकाल की उपलब्धियों और आगामी वर्ष की कार्ययोजना पर चर्चा के लिए रखी गयी। अध्यक्ष राजकुमार भगत ने गत वर्ष के कार्यों के बारे में बताते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 2024− 25 में संगठन ने 24 से अधिक गतिविधियां आयोजित कीं, जिसमें खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के उत्थान को लेकर विभिन्न सेमिनार एवं गोष्ठियां संपन्न हुईं। साथ ही केंद्र व प्रदेश सरकार के साथ संगठन द्वारा समन्वय स्थापित कर आगरा और प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के उत्थान और विकास के लिए प्रयास किया गया।

महासचिव अनुज सिंघल ने आगामी वर्ष की कार्ययोजना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के प्रोत्साहन के लिए कार्य किया जाएगा। संगठन द्वारा हर जिले में चैप्टर इकाइयां निर्मित की जाएंगी। ब्रज क्षेत्र के 12 जिलों में संगठन की इकाइयां स्थापित होंगी। उद्योगपति, व्यापारी, किसान और ग्राहक को लेकर समन्वयन स्थापित किया जाएगा। जिसके लिए समन्वयन कमेटी का गठन भी संगठन करेगा।

कमेटी के माध्यम से उपभोक्ता, निर्माता, व्यापारी और अन्नदाता किसानों के साथ उत्पाद की गुणवत्ता और उसकी समस्या को लेकर कार्य किया जाएगा। समय−समय पर उपभोक्ता और निर्माताओं को नीतियों और अधिकारों के प्रति जागरुक भी किया जाएगा। एफएसआई के खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप कार्य करने पर विशेष जोर देते हुए नकली उत्पादन की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि संगठन प्रयास करेगा कि सरकार नकली उत्पाद बनाने वालों के खिलाफ कड़े कानून लेकर आए।

उपाध्यक्ष नितिन गोयल और आशीष गर्ग ने कहा कि संगठन की ओर से आगरा में फूड पार्क की स्थापना को लेकर चल रही कार्य योजना में और अधिक तेजी लाई जाएगी। प्रदेश सरकार से पत्राचार के माध्यम से जल्द ही फूड पार्क की स्थापना की योजना को धरातल पर लाने का प्रयास होगा, ताकि आगरा में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए मजबूती से काम हो।

उन्होंने बताया कि आगामी जून माह में एक भव्य आयोजन के माध्यम से देश भर के उद्यमियों को आगरा बुलाने की कार्ययोजना को लेकर भी बैठक में चर्चा की गयी।

मुख्य सलाहाकार मनीष अग्रवाल रावी ने कहा कि एमएसएमई के अंतर्गत प्रदेश सरकार की खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति है। उसे और सशक्त बनाने के लिए कार्य योजना सरकार के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। संगठन सरकार से मिलकर प्रयास करेगा कि किसी कारण यदि उत्पादन में गड़बड़ी पायी जाए तो निर्माता कंपनी के गृह जनपद में ही वैधानिक कार्यवाही हो। खाद्य सुरक्षा के नियमों को भी सरल बनाने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।

संगठन की कार्ययोजना पर चर्चा के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए नये टैरिफ पर मंथन किया गया। उद्यमियों ने कहा कि ट्रंप के टैरिफ से खाद्य प्रसंस्करण उद्योग पर असर पड़ेगा, क्योंकि इसमें टैरिफ अंतर 24.99 प्रतिशत है। पिछले साल इसका निर्यात 1.03 अरब डॉलर था। इस अंतर को देखते हुए निर्यातकों को नये बाजार ढूंढने होंगे।

बैठक में तरुण अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, सिद्धार्थ अग्रवाल, विकास चतुर्वेदी, शैलेश अग्रवाल, मुख्य सलाहकार मनीष अग्रवाल रावी, मनीष अग्रवाल, संयोजक अर्पाक शर्मा, दिलीप आदि उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor